

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा। हमीरपुर।07 जनवरी मौदहा कस्बा में लगभग एक दर्जन से अधिक अवैध आटो स्टैंड संचालित हो रहे हैं। जहां सुबह से शाम तक दर्जनों आटो गाड़ियों की क़तार लगी रहती है और इससे लगने वाले जाम से कस्बा की ट्रैफिक व्यवस्था चौपट रहती है। इसके बावजूद अवैध वसूली का केंद्र बने ये अवैध आटो स्टैंड फल-फूल रहे हैं। ऐसे में आम जनमानस में एक ही चर्चा है कि आखिर कौन चला रहा है कस्बा के अवैध आटो स्टैंड?
बताते चलें कि मौदहा कस्बा में एक दर्जन से अधिक अवैध आटो स्टैंड संचालित हो रहे हैं। इनमे से अरतरा चौराहा,गुड़ाही बाजार, रहमानिया रोड, मली कुआं चौराहा एवं बड़ा चौराहा में संचालित अवैध आटो स्टैंड मुख्य हैं।इनके अलावा अन्य कई स्थानों पर भी अवैध रूप से आटो स्टैंड संचालित हो रहे हैं। जबकि सरकार द्वारा इन अवैध स्टैंड पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद कस्बा में संचालित हो रहे ये अवैध आटो स्टैंड निश्चित रूप से सरकारी आदेश को खुली चुनौती दे रहे हैं। लोगों की मानें तो ये आटो स्टैंड स्थानीय पुलिस और प्रशासन के द्वारा संचालित हो रहे हैं। जिनसे अच्छी खासी कमाई की जाती है और इस अवैध धन का बंदरबांट होता है। जिसमें छोटे कर्मचारियों से लेकर उच्च अधिकारियों की हिस्सेदारी निश्चित होती है।इसी लिए इन अवैध स्टैंडों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि इन अवैध स्टैंडों के कारण कस्बा के प्रमुख सड़कों पर दिन भर जाम लगने की गंभीर समस्या बनी रहती है। और इस जाम में फंसकर प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चों, मरीजों,प्रशव पीड़िताओं और बीमार तथा दुर्घटना ग्रस्त लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी स्थानीय पुलिस और प्रशासन यहां के अवैध आटो स्टैंड और बेतरतीब ई रिक्शा संचालकों पर पूरी तरह से मेहरबान बना हुआ है।